तीन लाख करोड़ के बदले आया सिर्फ 4807 करोड़ कालाधन, अब चिंता यह कि चूक कहाँ हुई


अब जब नोटबंदी को दो महीने पूरे हो गए हैं और केंद्र सरकार के आकलन के आसपास भी कालाधन सामने नहीं आया है तो बरबस सवाल उठाने लगे हैं कि चूक कहाँ और किस स्तर  पर हुई? पता चला है कि सरकार स्वीकार भले न करे लेकिन अधिकारी सकते में हैं. नोटबंदी के बाद 3 लाख करोड़ रुपये का काला धन सिस्टम से बाहर होने की उम्मीद थी, पर ऐसा कुछ हुआ नहीं. 

5 जनवरी तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक महज 1.6% कालाधन ही पता लगा पाया. आयकर विभाग ने नोटबंदी के बाद अपने अभियानों में 4,807 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया गया है, जबकि देश भर में जारी छापेमारी में 112 करोड़ रुपये मूल्य की नई करंसी जब्त हुई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टैक्स अधिकारियों ने नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स ऐक्ट के प्रावधानों के तहत कुल 1,138 तलाशी, सर्वे और पूछताछ अभियान चलाए, वहीं टैक्स चोरी तथा हवाला जैसे कारोबार के आरोपों में विभिन्न लोगों और संस्थाओं को 5,184 नोटिस जारी किए गए. इसी अवधि में विभाग ने 609.39 करोड़ रुपये कीमत के कैश और जूलरी जब्त किए. इनमें 112.8 करोड़ रुपये के नए नोट शामिल हैं जो ज्यादातर 2,000 रुपये के नोट हैं जबकि जूलरी की कीमत 97.8 करोड़ रुपये आंकी गई है.

उधर, एक रोचक तथ्य और सामने आया है. नोटबंदी के बाद के 40 दिनों में 2 करोड़ से अधिक नए बैंक खाते खुले और इनमें 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का जमा हुआ. सरकारी दस्तावेजों से पता चलता है कि पिछले साल 15 नवंबर से 25 दिसंबर के बीच 2.10 करोड़ नए बैंक खाते खुले और इनमें 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रकम इनमें जमा की गई. इन खातों में जो रकम आई, उसमें से 50,000 करोड़ रुपये का कैश डिपॉजिट, जबकि 3 लाख करोड़ रुपये चेक और ड्राफ्ट के जरिये आया.

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