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बाबरी विध्वंस केस: आडवाणी, कल्याण समेत कई नेताओं पर फिर से चल सकता है आपराधिक साजिश का मामला

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फ़ाइल फोटो:साभार अयोध्या के बाबरी विध्वंस मामले में भाजपा नेता आडवाणी समेत दर्जन भर से अधिक नेताओं पर आपराधिक साजिश का मामला फिर से चल सकता है. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि महज तकनीकी आधार पर इन्हें राहत नहीं दी जा सकती.  इस मामले में मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के साथ ही बीजेपी और विहिप के कई नेता शामिल हैं. कोर्ट ने सीबीआई को कहा कि इस मामले में सभी 13 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश की पूरक चार्जशीट दाखिल करें.  अदालत ने पूछा कि रायबरेली में चल रहे बाबरी मस्जिद से जुड़े दूसरे मामले की सुनवाई को क्यों न लखनउ ट्रांसफर कर दिया जाए, जहां इसी से जुड़े एक मामले की सुनवाई पहले से ही चल रही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि दोनों मामलों को एक साथ सुना जाना चाहिए.  उधर, आडवाणी की ओर से इसका विरोध किया गया और कहा गया कि इस मामले में 183 गवाहों को फिर से बुलाना पड़ेगा जो काफी मुश्किल है. कोर्ट को साजिश के मामले की दोबारा सुनवाई के आदेश नहीं देने चाहिए. इस बीच सीबीआई ने कहा कि वह दोनों मामलों का साथ ट्रायल के लिए तैयार है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मामल...

रेप के आरोपी यूपी के मंत्री गायत्री प्रजापति को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका

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गायत्री प्रजापति: फ़ाइल फोटो :साभार गैंगरेप के आरोपी यूपी सरकार में काबीना मंत्री गायत्री प्रजापति को सुप्रीम कोर्ट से दोहरा झटका लगा है. अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार के साथ ही दर्ज एफआईआर में किसी तरह के बदलाव से इनकार कर दिया.  सर्वोच्च अदालत  ने उन्हें गैरजमानती वारंट को चुनौती देने के लिए सक्षम कोर्ट जाने को कहा है. गायत्री प्रजापति ने आरोप लगाया है कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है और शिकायतकर्ता महिला आदतन ब्लैकमेलर है.  उधर, राज्यपाल राम नाइक ने गायत्री प्रजापति को अखिलेश सरकार में बनाए रखने पर सवाल उठाए हैं. इस सिलसिले में उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक पत्र भी लिखा है. गायत्री प्रजापति एक रेप केस में आरोपी है और फिलहाल फरार हैं. उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी है और पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है. गायत्री प्रजापति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. इसके साथ ही सवाल ये भी हैं कि यूपी के कद्दावर मंत्री गायत्री प्रजापति 27 फरवरी के बाद कहां हैं. इसका यूपी पुलिस के पास कोई जबाब नहीं. कहने को तो उनके खिलाफ शनिवार को गैरजमानती वारंट ...

सिनेमा हाल में राष्ट्रगान के समय सबको खड़ा होना होगा, आदेश को वापस लेने का सवाल ही नहीं

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प्रतीकात्मक फोटो: साभार सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि हर आदमी का खड़े होना जरूरी है, गाना नहीं. इसी के साथ अदालत ने इस आदेश पर रोक लगाने और उसे वापस लेने से भी इनकार कर दिया है.  सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि किसी सिनेमा, न्यूजरील या डाक्यूमेंटरी में राष्ट्रगान का इस्तेमाल किया गया है तो लोगों को खड़े होने की जरूरत नहीं है. सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के वक्त लोगों को खड़ा होना पड़ेगा लेकिन ये जरूरी नहीं कि वे राष्ट्रगान गाएं.  केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का समर्थन किया. मामले में कोर्ट में सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा, ये सवाल देश के नागरिकों की देशभक्ति की भावना दिखाने का है. जब इसे लेकर कोई कानून नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट का आदेश अहम हो जाता है. राष्ट्रगान को सिनेमाघरों के अलावा सभी स्कूलों में जरूरी किया जाए क्योंकि देशभक्ति की भावना की शुरुआत बच्चों से की जानी चाहिए. वहीं, सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश को लेकर दाखिल याचिकाओं में कहा गया है कि इस आदेश को वापस लें क्योंकि ये आदेश अधिकारों...

एमपी का व्यापम घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किये 634 मुन्ना भाइयों के दाखिले

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सुप्रीम कोर्ट: फ़ाइल फोटो मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को कायम रखते हुए सामूहिक नकल के दोषी छात्रों को राहत देने से इनकार कर दिया है. अब सामूहिक नकल के दोषी छात्रों के दाखिले रद्द कर दिए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि सामूहिक नकल के दोषी 634 छात्रों को राहत दी जाए या नहीं. इससे पहले 268 छात्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने एक दिलचस्प फैसला सुनाया था. मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने दो अलग-अलग फैसले सुनाए. सुनवाई कर रहे जस्टिस जे चेलामेश्वर ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी 634 छात्रों को ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद पांच साल तक भारतीय सेना के लिए बिना किसी वेतन के काम करना पड़ेगा. पांच साल पूरे होने पर ही उन्हें डिग्री दी जाएगी. इस दौरान उन्हें केवल गुजारा भत्ता दिया जाएगा. वहीं जस्टिस अभय मनोहर सप्रे ने हाईकोर्ट के दाखिला रद्द करने के फैसले को बरकरार रखते हुये छात्रों की अपील को खारिज कर दिया. इसके ब...